Ekadashi Bhajan Lyrics | एकादशी भजन लिरिक्स ग्यारस भजन लिरिक्स

एकादशी भजन लिरिक्स इन हिंदी

1. अर्जुन सुन गीता का ज्ञान जगत में लिरिक्स

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान,

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

ग्यारस के दिन सिर से नहावे,

लेवे कछुए का अवतार,

कछुए का अवतार रे,

अर्जुन कछुए का अवतार,

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

ग्यारस के दिन खाट पै सोवे,

लेवे अजगर का अवतार,

अजगर का अवतार रे,

अर्जुन अजगर का अवतार,

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

ग्यारस के दिन बैंगन खावे,

लेवे भैंसे का अवतार,

भैंसे का अवतार रे,

अर्जुन भैसे का अवतार,

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

ग्यारस के दिन चावल खावे,

लेवे कीड़े का अवतार,

कीड़े का अवतार रे,

अर्जुन कीड़े का अवतार,

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

ग्यारस के दिन दूध जो पीवे,

लेवे नागिन का अवतार,

नागिन का अवतार रे,

अर्जुन नागिन का अवतार,

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

ग्यारस के दिन घर घर डोले,

लेवे कुतिया का अवतार,

कुतिया का अवतार रे,

अर्जुन कुतिया का अवतार,

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

ग्यारस के दिन करे लड़ाई,

लेवे चंडी का अवतार,

चंडी का अवतार रे,

अर्जुन चंडी का अवतार,

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

ग्यारस के दिन माला फेरे,

हो जाए भव से पार,

हो जाए भव से पार रे,

अर्जुन हो जाए भव से पार,

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान,

अर्जुन सुन गीता का ज्ञान,

जगत में ग्यारस बड़ी महान ॥

2. ग्यारस चांदण की आई भगता मिल ज्योत जगाई लिरिक्स

ग्यारस चांदण की आई,

भगता मिल ज्योत जगाई,

झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

मन में हरियाली छाई,

भगता मिल ज्योत जगाई,

झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे ॥

चम चम चमकातो मुखडो,

काना में कुंडल हो,

काना में कुंडल हो,

हिवड़ो हुलसायो म्हारो,

भला पधारया हो,

भला पधारया,

हीरो भलके माथे में,

अंतर जमके बागे में,

फुल्डा बरसे छे म्हारे आंगणे,

ओ बाबा फुल्डा बरसे छे म्हारे आंगणे,

ग्यारस चांदण की आईं,

भगता मिल ज्योत जगाई,

झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे ॥

गंगाजल झारी थारा,

चरण पखारा हो,

चरण पखारा,

उँचे सिंहासन बैठो,

आरती उतारा हो,

आरती उतारा,

भजन सुनावा थाने,

गाकर रिझावा थाने,

अमृत बरसे छे म्हारे आंगणे,

ओ बाबा अमृत बरसे छे म्हारे आंगणे,

ग्यारस चांदण की आईं,

भगता मिल ज्योत जगाई,

झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे ॥

जो थाने भावे बाबा,

भोग लगावा हो,

भोग लगावा,

रूच रूच जिमो प्रभु जी,

परदो लगावा हो,

परदो लगावा,

तारो मुलक़ातो मुखड़ो,

चंदा सू लागे उजलो,

कीर्तन में देखयो थाने आंगणे,

ओ बाबा कीर्तन में देखयो थाने आंगणे,

ग्यारस चांदण की आईं,

भगता मिल ज्योत जगाई,

झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे ॥

बिडलो दबावों मुख में,

अंतर काना में हो,

अंतर काना में,

थारे लीले के पांवा,

बिछिया बाजनीया हो,

बिछिया बाजनीया,

करस्यां पहरावणी थारी,

आशा पूरण म्हारी,

चरण दबास्या म्हारे आंगणे,

ओ बाबा चरण दबास्या म्हारे आंगणे,

ग्यारस चांदण की आईं,

भगता मिल ज्योत जगाई,

झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे ॥

लगन निभाजो प्रभु जी,

प्रेम बढाजो हो,

प्रेम बढाजो,

या म्हारी मिनखा जूणी,

सफल बनाजो हो,

सफल बनाजो,

मोती चरणा को चाकर,

नंदू रिझावे गाकर,

भल भल पधारया म्हारे आंगणे,

ओ बाबा भल भल पधारया म्हारे आंगणे,

ग्यारस चांदण की आईं,

भगता मिल ज्योत जगाई,

झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे ॥

ग्यारस चांदण की आई,

भगता मिल ज्योत जगाई,

झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

मन में हरियाली छाई,

भगता मिल ज्योत जगाई,

झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे,

ओ बाबा झांझ मज़ीरा बाजे आंगणे ॥

गर श्याम से मिलना है एक बात समझ लेना,

एक बात समझ लेना,

हारे का साथी है,

सदा हार के तू रहना ॥

3. हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में लिरिक्स

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में,

मिलती है तन्खा, मिलती है तन्खा,

मुझे बारस में,

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में ॥

दो दिन के बदले में तीस दिनों तक मौज करूँ,

अपने ठाकुर की सेवा भजनो से रोज करूँ,

रहता है तू सदा, रहता है तू सदा,

भक्तो के वश में,

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में ॥

दो आंसू जब बह जाते है चरणों में तेरे,

करता घर की रखवाली जाकर तू घर मेरे,

झूठी ना खाता हूँ, झूठी ना खाता हूँ,

दर पे मैं कस्मे,

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में ॥

दुनिया की सब मौजे छूटे ग्यारस न छूटे,

श्याम के संग हरबार तेरे दर की मस्ती लुटे,

मिल गया तू मुझे, मिल गया तू मुझे,

भजनो के रस्मे,

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में ॥

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में,

मिलती है तन्खा, मिलती है तन्खा,

मुझे बारस में,

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में ॥

4. जागु ग्यारस की रातों में तेरा ज़िक्र मेरी सब बातो में लिरिक्स

जागु ग्यारस की रातों में,

तेरा ज़िक्र मेरी सब बातो में,

फिर भी वो लकीर नहीं मिटती,

जो खींच दी तूने हाथो में,

मेरे घर की हालत देख श्याम,

कभी आकर तू बरसातों में,

मेरे घर की हालत देख श्याम,

कभी आकर तू बरसातों में ॥

हर साल ये विपदा आती है,

हर बार ये घर ढह जाता है,

तस्वीर तेरी रह जाती है,

बाकी सब कुछ बह जाता है,

हम तुझे छुपा लेते है श्याम,

इन टूटे फूटे जाको में,

मेरे घर की हालत देख श्याम,

कभी आकर तू बरसातों में ॥

सिर पे है घटाओ की चादर,

धरती की सेज बिछाते है,

तेरा नाम लेकर ही बच्चे,

भूखें ही सो जाते है,

तेरी ज्योत जगानी ना छोड़ी,

ऐसे भी हालातो में,

मेरे घर की हालत देख श्याम,

कभी आकर तू बरसातों में ॥

कोई और दुआ न मांगी है,

माँगा है बस प्यार तेरा,

तू मालिक सारी दुनिया का,

दर दर भटके परिवार तेरा,

हमको तो ताने देते है,

जग वाले बातो बातो में,

मेरे घर की हालत देख श्याम,

कभी आकर तू बरसातों में ॥

जागु ग्यारस की रातों में,

तेरा ज़िक्र मेरी सब बातो में,

फिर भी वो लकीर नहीं मिटती,

जो खींच दी तूने हाथो में,

मेरे घर की हालत देख श्याम,

कभी आकर तू बरसातों में,

मेरे घर की हालत देख श्याम,

कभी आकर तू बरसातों में ॥

5. कार्तिक ग्यारस जन्मे श्याम सबको आज बधाई है लिरिक्स

दोहा – जनम लियो एक बालक ने,

बर्बरीक पड्यो नाम,

शीश दान दे श्री कृष्ण को,

कहलाये बाबा श्याम।

कार्तिक ग्यारस जन्मे श्याम,

सबको आज बधाई है,

सबको आज बधाई है,

सबको आज बधाई है,

कार्तिक ग्यारस जन्में श्याम,

सबको आज बधाई है ॥

भीमसेन का पौत्र लाडला,

मौरवी माँ ने जाया लाला,

अहिलवती की आँख के तारे,

आज बधाई है,

कार्तिक ग्यारस जन्में श्याम,

सबको आज बधाई है ॥

खाटू में सब प्रेमी आये,

मेवा मिश्री केक भी लाये,

सब मिलकर उत्सव हैं मनाएं,

आज बधाई है,

कार्तिक ग्यारस जन्में श्याम,

सबको आज बधाई है ॥

रंग बिरंगे निशान हैं लाते,

नाचते गाते ख़ुशी मनाते,

कलयुग के राजा प्रगटे है,

आज बधाई है,

कार्तिक ग्यारस जन्में श्याम,

सबको आज बधाई है ॥

भाव देख भक्तों का बाबा,

उन पर अपना प्रेम लुटाता,

श्याम तेरी चौखट का भिखारी,

तू दातारी है,

कार्तिक ग्यारस जन्में श्याम,

सबको आज बधाई है ॥

कार्तिक ग्यारस जन्में श्याम,

सबको आज बधाई है,

सबको आज बधाई है,

सबको आज बधाई है,

कार्तिक ग्यारस जन्में श्याम,

सबको आज बधाई है ॥