Mahavir Bhagvan Chalisa | महावीर भगवान की चालीसा व इसके 12 लाभ

श्री महावीर भगवान की चालीसा पाठ व महावीर चालीसा के फायदे। आज के लेख में हम भगवान श्री महावीर का चालीसा पाठ हिंदी व अंग्रेजी में जानेंगे। साथ ही महावीर चालीसा के पाठ से होने वाले फायदे के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे।

1. श्री महावीर भगवान की चालीसा

श्री महावीर भगवान की चालीसा पाठ व महावीर चालीसा के फायदे। आज के लेख में हम भगवान श्री महावीर का चालीसा पाठ हिंदी व अंग्रेजी में जानेंगे। साथ ही महावीर चालीसा के पाठ से होने वाले फायदे के बारे में भी जानकारी प्राप्त करेंगे।

1. श्री महावीर भगवान की चालीसा

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( श्री महावीर भगवान चालीसा विडियो )

शीश नवा अरिहन्त को, सिद्धन करूँ प्रणाम।

उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम।।

सर्व साधु और सरस्वती, जिन मन्दिर सुखकार।

महावीर भगवान को, मन-मन्दिर में धार।।

चौपाई

जय महावीर दयालु स्वामी।

वीर प्रभु तुम जग में नामी।। 1

वर्धमान है नाम तुम्हारा।

लगे हृदय को प्यारा प्यारा।। 2

शांति छवि और मोहनी मूरत।

शान हँसीली सोहनी सूरत।। 3

तुमने वेश दिगम्बर धारा।

कर्म-शत्रु भी तुम से हारा।। 4

क्रोध मान अरु लोभ भगाया।

महा-मोह तुमसे डर खाया।। 5

तू सर्वज्ञ सर्व का ज्ञाता।

तुझको दुनिया से क्या नाता।। 6

तुझमें नहीं राग और द्वेष।

वीर रण राग तू हितोपदेश।। 7

तेरा नाम जगत में सच्चा।

जिसको जाने बच्चा बच्चा।। 8

भूत प्रेत तुम से भय खावें।

व्यन्तर राक्षस सब भग जावें।। 9

महा व्याध मारी न सताव।

महा विकराल काल डर खावे।। 10

काला नाग होय फन धारी।

या हो शेर भयंकर भारी।। 11

ना हो कोई बचाने वाला।

स्वामी तुम्हीं करो प्रतिपाला।। 12

अग्नि दावानल सुलग रही हो।

तेज हवा से भड़क रही हो।। 13

नाम तुम्हारा सब दुख खोवे।

आग एकदम ठण्डी होवे।। 14

हिंसामय था भारत सारा।

तब तुमने कीना निस्तारा।। 15

जनम लिया कुण्डलपुर नगरी।

हुई सुखी तब प्रजा सगरी।। 16

सिद्धारथ जी पिता तुम्हारे।

त्रिशला के आँखों के तारे।। 17

छोड़ सभी झंझट संसारी।

स्वामी हुए बाल-ब्रह्मचारी।। 18

पंचम काल महा-दुखदाई।

चाँदनपुर महिमा दिखलाई।। 19

टीले में अतिशय दिखलाया।

एक गाय का दूध गिराया।। 20

सोच हुआ मन में ग्वाले के।

पहुँचा एक फावड़ा लेके।। 21

सारा टीला खोद बगाया।

तब तुमने दर्शन दिखलाया।। 22

जोधराज को दुख ने घेरा।

उसने नाम जपा जब तेरा।। 23

ठंडा हुआ तोप का गोला।

तब सब ने जयकारा बोला।। 24

मंत्री ने मन्दिर बनवाया।

राजा ने भी द्रव्य लगाया।। 25

बड़ी धर्मशाला बनवाई।

तुमको लाने को ठहराई।। 26

तुमने तोड़ी बीसों गाड़ी।

पहिया खसका नहीं अगाड़ी।। 27

ग्वाले ने जो हाथ लगाया।

फिर तो रथ चलता ही पाया।। 28

पहिले दिन बैशाख बदी के।

रथ जाता है तीर नदी के।। 29

मीना गूजर सब ही आते।

नाच-कूद सब चित उमगाते।। 30

स्वामी तुमने प्रेम निभाया।

ग्वाले का बहु मान बढ़ाया।। 31

हाथ लगे ग्वाले का जब ही।

स्वामी रथ चलता है तब ही।। 32

मेरी है टूटी सी नैया।

तुम बिन कोई नहीं खिवैया।। 33

मुझ पर स्वामी जरा कृपा कर।

मैं हूँ प्रभु तुम्हारा चाकर।। 34

तुम से मैं अरु कछु नहीं चाहूँ।

जन्म-जन्म तेरे दर्शन पाऊँ।। 35

चालीसे को चन्द्र बनावे।

महबीर प्रभु को शीश नवावे।। 36

सोरठा

नित चालीसहि बार, बाठ करे चालीस दिन।

खेय सुगन्ध अपार, वर्धमान के सामने।। 1

होय कुबेर समान, जन्म दरिद्री होय जो।

जिसके नहिं संतान, नाम वंश जग में चले।। 2

2. श्री महावीर भगवान के चालीसा पाठ के 12 फायदे

श्री महावीर भगवान की चालीसा पाठ प्रतिदिन 40 बार 40 दिन तक करने से चालीसा सिद्ध होती है। परंतु सामान्य मनुष्य को प्रतिदिन सुबह व शाम भगवान श्री महावीर के पूजा के बाद 1 बार या 3 बार चालीसा का पाठ करने चाहिए।

आप चालीसा पाठ कितने बार कर रहे हैं, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण आप किस भावना से कर रहे हैं, यह ज्यादा मायने रखता है।

चालीसा पाठ का लाभ तभी मिलेगा जब आप चालीसा पाठ सच्चे मन व पूर्ण श्रद्धा भक्ति विश्वास के साथ करेंगे। भगवान श्री महावीर की चालीसा पाठ से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।

3. Mahavir Bhagvan ki Chalisa Lyrics In English

Doha

Shish nava arihant ko, siddhan karun pranam.

Upaadhyaay aachaary ka, le sukhkari naam. 1

Sarv sadhu aur saraswati, jin mandir sukhkaar.

Mahaveer bhagawan ko, man mandir mein dhaar. 2

Chaupai

Jai mahavir dayalu swami,

veer prabhu tum jag mein naami. 1

Vardhman hai naam tumhara,

lage hriday ko pyara pyara. 2

Shaant chhavi aur mohani moorat,

shan hansili sohani soorat. 3

Tumane vesh digambar dhara,

karm shatru bhi tumase hara. 4

Krodh maan aur lobh bhagaya,

maya ne tumase dar khaya. 5

Tu sargya sarv ka gyata,

tujhako duniya se kya nata. 6

Tujhme nahi raag aur dwesh,

vit raag tu hitopdesh. 7

Tera naam jagat mein sachcha,

jisko jaane bachcha bachcha. 8

Bhoot prêt tumse bhay khaave,

vyantar rakshas sab jag jaaven. 9

Maha vyagh maari n sataave,

mahavikral kaal dark haven. 10

Kala naag hove fandhari,

ya ho sher bhayankar bhari. 11

N hi koi bachane wala,

swami tumhi karo pratipaala. 12

Agani dwaanal sulag rahi ho,

tej hawa se bhadak rahi ho. 13

Naam tumhara sab dukh khove,

aag ekdam thandi hove. 14

Hinsamay tha bharat sara,

tab tumne kina nistara. 15

Janm liya kundalpur nagari,

hui sukhi jab praja sagari. 16

Siddharath ji pita tumhare,

trishala ke aankho ke tare. 17

Chhod ke sab jhanjhat sansari,

swami huye baal brahmachari. 18

Pancham kaal maha sukhdayi,

chandanpur mahima dikhlayi. 19

Tile mein atishay dikhalaya,

ek gay ka dudh giraaya. 20

Soch huaa man mein gwale ke,

pahucha ek fawada leke . 21

Sara tila khod giraaya,

tab tumne darshan dikhalaya. 22

Jodhraj ko dukh ne ghera,

usane naam japa tb tera. 23

Thanda huaa top ka golaa,

tab usane jaykaara bola. 24

Mantra ne mandir banvaaya,

Raja ne bhi darab lagaaya. 25

Badi dharmshaala banawaai,

tumko laane ki thaharai. 26

Tumane todi biso gaadi,

pahiya khaska nahin agaadi. 27

Gwale ne jo hath lagaaya,

fir to rath chalata hi paaya. 28

Pahale din baishakh badi ke,

rath jaata hai tir nadi ke. 29

Mina gujar sab sab aate hain,

naach kood chit sab gaate hain. 30

Swami tumane prem nibhaaya,

gwaale ka tum maan badhaaya. 31

Haath lage gwaale ka jab hi,

swami rath chalata hai tab hi. 32

Meri hai tuti si naiya,

tum bin koi nahi khivaiya. 33

Mujh par swami jara kripa kar,

main hun prabhu tumahara chakar. 34

Tumase mai aru kuchh nahin chahun,

janm janm tere darshan paun. 35

Chalise ko Chandra banave,

veer prabhu ko shish navaave. 36

Soratha

Kare path chalis din, nit chalisahi baar.

Kheve dhoop sugandh padh, shri vardhaman agaar. 1

Janm daridri hoye aru, jinake nahin santan.

Naam vansh jag mein chale, hoye kuber samaan. 2

दोस्तों आज के लेख में हम ने भगवान श्री महावीर की चालीसा पाठ हिंदी व अंग्रेजी में जाना।

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