रामचन्द्र शंकर का भजन कर लिरिक्स | Ramchandra Shankar Ka Bhajan Kar Lyrics

रामचन्द्र शंकर का भजन कर लिरिक्स

रामचन्द्र शंकर का भजन कर
रामचन्द्र शंकर का भजन कर
शिव के भजन कर पार्वती
शिव के भजन कर पार्वती
कहन लगे शंकर भोले
कहन लगे शंकर भोले

ओर खोल पलग बम दिखे नाथ जी
ओर खोल पलग बम दिखे नाथ जी

आजूओ चेली बैठे रहो मे
रटो राम का नाम तुम्हीं
भोले पार्वती शब्द सुनावे
ये शंकर भोले लहरी

चेली का कहना छोड़े नाथ जी
चेली का कहना छोड़े नाथ जी
आप कहोगी घर की नारी
नारी कहो तेरे संग चलूंगी
जनम जनम की रहूंगी दशी
छान घोट दिबिया प्याहुगी
तुम्ही पिवेगा तेरा पिवेगा नादिया
बची खुची पि जाऊ सारी
बची खुची पि जाऊ सारी

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम्म बम्म बम बम
अगड़ बम बम्म बम्म बमलहरी
अजी अरी हरि-हरि बोले पार्वती
ओर शिव-शिव रखे शिवलहरी॥

Ramchandra Shankar Ka Bhajan Kar Lyrics

कहन लगे शंकर भोले
अरे कहन लगे शंकर भोले
तेरी एक सुने न मेरी पार्वती
तेरी एक सुने न मेरी पार्वती
चंद्रमुखी है पार्वती,
कोई सूरजमुखी लड़का ढूंढो
जहा बेथि राज करे गौरा

तेरी बंगीदी लंबी सैर करेगी
रेती बंगीदी लोंगिरि शेर करेगी
शीशमहल रहने को भी मांगे
शीशमहल रहने को भी मांगे
गरम नरम भोजन मांगेगी

कहाँ से लावे रे शिव जोगी
कहाँ से लावे रे शिव जोगी

गुजराती लहंगा मांगेगी
गुजराती लहंगा मांगेगी

पढने को दुशालूरी मांगेगी
पढने को दुशालूरी मांगेगी

चलदी भर गहना मांगेगी
चलदी भर गहना मांगेगी

छन्न पछेली बाजू बंद नुगरिया
पायो मैं भी पायल मांगेगी

कहाँ से लावे शिवलहरी
कोई आठ नहीं बजार नहीं
कोई आठ नहीं बजार नहीं

कोई सेठ नहीं साहूकार नहीं
कोई सेठ नहीं साहूकार नहीं

में तो राजा का लड़का भी नहीं
कोई राजा का लड़का में भी नहीं

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम्म बम्म बम बम
अगड़ बम बम्म बम्म बमलहरी

अजी अरी हरि-हरि बोले पार्वती
ओर शिव-शिव रखे शिवलहरी॥

कहन लगे वा पार्वती
मेरे एक शंकर भोलेलहरी
में कइ बार बहकाई रे नाथ जी
में कइ बार बहकाई रे नाथ जी
अब भगने की में नाई है
अब भगने की में नाई है
मेरा भगवा भी चोला रंग दे नाथ जी
मेरा भगवा भी चोला रंग दे नाथ जी

तेरा धंग सोई मेरा धंग है
तेरा धंग सोई मेरा धंग है

रंग में रंग मिला लेरी
रंग में रंग मिला लेरी

हे शंकर भोले लहरी
किसी ने मागा दूध पुट रे

किसी ने मागा धन दौलत रे
मैने मागा है शिवलहरी

तेरे नाम के बरत किये है
तुम्हे बरूंगी भोलेलहरी

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम्म बम्म बम बम
अगड़ बम बम्म बम्म बमलहरी

अजी अरी हरि-हरि बोले पार्वती
ओर शिव-शिव रखे शिवलहरी॥

Ramchandra Shankar Ka Bhajan Kar Bhajan

कहन लगे शंकर भोले
मेरे दाया बाया री विषर बिराजे
मेरे दाया बाया री विषर बिराजे
माथे चंद्रमा विराज रहा है
माथे पे चंद्रमा विराज रहा है
मेरी जटा से गंगा बहती है
मेरी जटा से गंगा बहती है
जब रूप बदल कर शंकर नाथ जी

कहन लगे शंकर भोले
मेरे दाया बाया री विषर बिराजे
मेरे दाया बाया री विषर बिराजे

माथे पे चंद्रमा बिराज रहा है
माथे पे चंद्रमा बिराज रहा है

मेरी जटा से गंगा बहती है
मेरी जटा से गंगा बहती है

जब रूप बदल कर शंकर नाथ जी
जब रूप बदल कर शंकर नाथ जी

अस्सी बरस के बुड्ढे बन गए
अस्सी बरस के बुड्ढे बन गए

ओर बूढ़े बनकर बैठ गए जी
ओर बूढ़े बनकर बैठ गए जी

ओर कहन लगे गोरा जी से
ओर कहन लगे गोरा जी से

हे बारह बरस की पार्वती
हे बारह बरस की पार्वती

अस्सी बरस के शिवलहरी
अस्सी बरस के शिवलहरी

मेरी गई रे जवानी आया बुढ़ापा
मेरी गई रे जवानी आया बुढ़ापा

डगमग डगमग नाड़ हले
डगमग डगमग नाड़ हले

मेरी बढ़ा भड़क भड़के नारी
मेरी बढ़ा भड़क भड़के नारी

मेरी लचर पचर थोड़ी कमर करे
मेरी लचर पचर थोड़ी कमर करे

मेरा गोदे से गुड्डा लगता है
मेरा गोदे से गुड्डा लगता है

मेरा रूप भयंकर देख-देख के
मेरा रूप भयंकर देख-देख के

डर डर के मरजा पार्वती
डर डर के मरजा पार्वती

कहन लगी वा पार्वती
कहां लगी वा पार्वती

उत्तर देने लगी भोले से
उत्तर देने लगी भोले से

ऐ शंकर भोले लहरी
ऐ शंकर भोले लहरी

मैं जान गई रे पहचान गई
मैं जान गई रे पहचान गई

अरे छन मैं भी बूढ़े
छन मैं भी बाला
छन मैं भी कोड़ी बन बैठे

Ramchandra Shankar Ka Bhajan Kar

है आप रूप अंतर्ज्ञानि
है आप रूप अंतर्ज्ञानि

लीला का पार तेरी ना आया
तेरे रूप अनेक है भोलेलहरी

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम्म बम्म बम बम
अगड़ बम बम्म बम्म बमलहरी

अजी अरी हरि-हरि बोले पार्वती
ओर शिव-शिव रखे शिवलहरी॥

अरी गवरजा पार्वती
तु क्यु शंकर के ख्याल पढि़

क्यो भोले के ख्याल पढ़ी
राजा का लड़का ढूंढो
राजा का लड़का ढूंढो

जहाँ बेथि राज करे गौरा
जहाँ बेथि राज करे गौरा

बोले गवरजा शब्द सुनावे
हे शंकर भोलेलहरी
हे शंकर भोलेलहरी
तुम्हीं पण्ड ओर तुहीं खण्ड हो
ऐ जटा जूट जटा धारी
ऐ जटा जूट जटा धारी
हे शकर भोले कहारी

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम्म बम्म बम बम
अगड़ बम बम्म बम्म बमलहरी
अजी अरी हरि-हरि बोले पार्वती
ओर शिव-शिव रखे शिवलहरी॥

बोले गवरजा शब्द सुनावे
हे शंकर भोले लहरी
हे शंकर भोले लहरी

तेरी लीला जग मैं न्यारी
तेरी लीला जग मैं न्यारी

लीला का पार नहीं पाया
लीला का पार नहीं पाया
सब नाथो का नाथ है शंकर
सब नाथो का नाथ है शंकर
हे भोले अन्तर्यामी
हे भोले अन्तर्यामी

कहन लगी वा पार्वती
कहन लगी वा पार्वती

शंकर भोले नाथ महादेव
शंकर भोले नाथ महादेव

आ कमति नही खजाने मे
आ कमति नही खजाने मे

तीन लोक बस्ती मे बसाए
तीन लोक बस्ती मे बसाए

आप रहे वीराणे मे
आप रहे वीराणे मे

जब ब्रह्मा ने रची श्रष्टि
जब ब्रह्मा ने रची श्रष्टि

ओर लगाई फुलवारी
ओर लगाई फुलवारी

ओर धुरदर दरगा से जोड़ा उतरा
ओरधुरदर दरगा से जोड़ा उतरा

अरे पैदा कर दिए नर नारी
अरे पैदा कर दिए नर नारी

अगड़ बम्म बम्म बम बम
बम महादेव धन्य गणेश
बम महादेव धन्य गणेश
शिव की पूजा करो हमेश॥

Singer: श्री बंसी जी जोगी॥

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