Surya Ashtakam ke Fayde: श्री सूर्य अष्टकम पढ़ने के 10 चमत्कारिक फायदे

सूर्य अष्टकम का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में नवजीवन का संचार होता है। इस धरा धाम श्री सूर्य देव जी ही एक ऐसे देव हैं जिनका दर्शन हम सभी को प्रतिदिन होता है। ज्योतिष के नवग्रह मंडल में सूर्य देव का स्थान सर्वोपरि है। आज के लेख में हम श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से होने वाले फायदे और लाभ के बारे में जानेंगे।

1. श्री सूर्य अष्टकम पढ़ने के फायदे

श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से व्यक्ति के जीवन में चमत्कारिक परिवर्तन देखने को मिलता है। लेकिन हम यहां पर आप सभी को बता दें कि किसी भी देवी देवता की पूजा आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में बदलाव या मनोवांछित लाभ तभी मिल पाता है, जब पूजा आराधना पूर्ण श्रद्धा व सच्चे मन से किया जाता है। श्री सूर्य अष्टकम का पाठ सच्चे मन वह पूर्ण श्रद्धा भक्ति के साथ करने से कौन-कौन से लाभ मिलता है आइए जानते हैं :-
1. ग्रह बाधा से मुक्ति

ज्योतिष विद्या में श्री सूर्य देव जी को नवग्रह मंडल का प्रमुख माना गया है। श्री सूर्य अष्टकम का पाठ करने से सभी प्रकार की नौ ग्रह शांत होते हैं। शनि दोष राहु केतु सभी का दोष दूर होते हैं। जिस साधक की कुंडली में या उनकी राशि में किसी भी प्रकार का ग्रह दोष उत्पन्न होता है, तो उन्हें श्री सूर्य अष्टकम का पाठ निश्चय ही करनी चाहिए।

 2. रोगों से मुक्ति

श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से असाध्य रोगों में भी आशातीत लाभ मिलता है। जब कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना का शिकार हो गया हो तो उन्हें या उनके परिजन को उनके लिए सूर्य अष्टकम का पाठ अवश्य ही करनी चाहिए। इससे उस तकलीफ में उसे शीघ्र लाभ मिलता है और शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करता है।

3. शत्रु पर विजय प्राप्ति

जो व्यक्ति श्री सूर्य देव जी के भक्त हैं, जो नियमित रूप से उनका पूजा करते हैं, श्री सूर्य अष्टकम का पाठ करते हैं उनका कोई भी शत्रु उनका कुछ भी बिगाड़ नहीं सकता है। शत्रु चाहे जितना भी बलवान क्यों नहीं रहे बाल भी बांका नहीं कर सकता। श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से शत्रु पर विजय प्राप्त होता है।

4. मानसिक विकास

श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से सभी प्रकार के मानसिक विकार दूर होता है। अच्छे बुरे को सोचने समझने की ताकत आती है। वह व्यक्ति कुसंगति का त्याग कर सत्संगति को अपनाता है। व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत बनता है । वह व्यक्ति अच्छे बुरे का अच्छे से पहचान कर पाता है। इसके पाठ से दुराचारी व्यक्ति भी सदाचारी बनने लगता है। व्यक्ति सात्विक बनता है सकारात्मक सोच रखता है। व्यक्ति के मन से तामसिक भावना नष्ट होती है। वह साधुवाद को प्राप्त होता है। ऐसे व्यक्ति से सभी लोग प्रेम करते हैं।

5. सभी कार्यों में सफलता प्राप्त होना

हमने जाना कि इसके पाठ से मानसिक विकास होता है। व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत बनता है। लोगों को रोगों से छुटकारा मिलता है। जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत एवं स्वस्थ रहता है तो उन्हें सभी कार्यों में निश्चय ही सफलता प्राप्त होता है। ऐसे व्यक्ति सफलता हासिल होने तक मेहनत से पीछे नहीं हटते हैं और जो व्यक्ति पूरी लगन पूरी मेहनत के साथ किसी कार्य को करते हैं तो उन्हें निश्चय ही सफलता प्राप्त होती है।

6. सुख समृद्धि की प्राप्ति

श्री सूर्य अष्टकम के नियमित पाठ से घर परिवार एवं जीवन में सुख समृद्धि आती है। जीवन खुशियों से भर जाती है। इसके पाठ से व्यक्ति को उनके जीवन में सफलता मिलती है। उनका हर कार्य सफल होता है। जहां सफलता है, वहां खुशियां आती है।

7. बेरोज़गारी दूर होती है

ऐसे व्यक्ति जो बेरोजगार हैं या जिनके पास आय का कोई साधन नहीं हैं, उन्हें श्री सूर्य अष्टकम का पाठ अवश्य ही करनी चाहिए। इसके नियमित पाठ से शीघ्र ही नौकरी या व्यवसाय का मार्ग प्रशस्त होता है। व्यक्ति को योग्यता अनुसार मनचाही नौकरी की प्राप्ति होती है। अगर कोई व्यापार या किसी व्यवसाय के क्षेत्र में है तो उन्हें अपने कार्य में सफलता मिलती है।

8. काम्पिटिटर से आगे होना

आज का युग कंपटीशन एवं चुनौतियों से भरा पड़ा है। आप किसी भी कार्य क्षेत्र में रहे सभी कार्यों में चुनौतियां और कंपटीशन बहुत ज्यादा है। श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से व्यक्ति मानसिक रूप से प्रबल रहता है। उनका हौसला बढ़ा हुआ रहता है। वह किसी भी कार्य को पूरे जोश उत्साह के साथ करता है। उनमें इतना जोश उत्साह रहता है कि वह चुनौतियों का सामना करने से कभी घबराता नहीं है। कभी हारता नहीं है, कभी थकता नहीं है, फल स्वरूप वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से सदा आगे रहता है।

9. मानसिक शांति मिलती है

श्री सूर्य अष्टकम के पाठ से व्यक्ति के सभी कार्य सफल होता है। जीवन में खुशियां आती है। ग्रह बाधा से मुक्ति मिलती है। बीमारियों से छुटकारा मिलता है। बेरोजगारी दूर होती है। इन सब कारणों से व्यक्ति का जीवन खुशियों से भरा रहता है, फलस्वरूप मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।

10. सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं

श्री सूर्य अष्टकम का पाठ मनुष्य जिस उद्देश्य से या जिस कामना की पूर्ति के लिए करता है वह निश्चय ही पूरा होता है। इसका पाठ पूर्ण विश्वास व श्रद्धा भक्ति के साथ करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। सारी मनोकामनाएं से तात्पर्य यह है कि वह मनोकामनाएं जो आपके अनुकूल है या उस कामना के लिए आप योग्य हैं। अगर आपमें लगन हैं उस काम के प्रति आप में समर्पण का भाव है तो सूर्यअष्टकम का पाठ करने से आपके मार्ग में आ रही परेशानियां और अड़चनें दूर होगी और आपकी मनोकामनाएं पूरी होगी।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *